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Best hindi poem:- चिंगारी

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                   चिंगारी तलवारों में जंग लग गई, कलम की हो रही हार, मैकॉले की शिक्षा ने बिगाड़ा घर,परिवार। देशभक्तों का दमन हुआऔर मंदा हुआ व्यापार, गद्दारों का साथ मिला, लोकतंत्र की हैं ये हार।           दिल्ली में जो बैठेे हैै ,ये हैै कैसी सरकार, कलम कभी पैदा करती थी, सीने में अंगार। कलम यहां जब आग उगलते, हर्फ़ बनती चिंगारी, देश का युवा जग उठता था, नर हो चाहे नारी। आज कलम कहानी लिखती, वहीं गुलामीवाली, मीडिया का तड़का भी लगता, हमें लड़ानेवाली। वही व्य्वस्था लानी होगी, अपनी गुरुकुल वाली, हर युवा में धधक उठे, फिर शांत पड़ी चिंगारी। भारत देश की हर एक, समस्या, वही शिष्य हरेंगे इंडिया से बाहर निकले जो,गुरुकुल में जाके पढ़ेंगे। भारत फिर जग में चमके, बस अलख जगाना होगा,  हर बालक अब चंद्र बने, चाणक्य को आना होगा।                                     अनिल कुमार मंडल ...

Best patriotic poem-एक बबंडर

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             एक बबंडर राजनीति मलिन हो गई ,एक बबंडर आने दो, 18सौ सतावन की घटना,एक बार दुहराने दो। गोरों से देश छुड़ाया हैं, काले को राह दिखाने दो, सत्ता मद में जो डूबे हैं, रावण सा ढह जाने दो। गीता का भी सार यहीं हैं,दुष्टो को मर जाने दो, उठो युवाओं देश संभालो, फिर एक रण छिड़ जाने दो। राजनीति मलिन हो गई, एक बबंडर आने दो, इण्डिया में नैतिकता खोई, भारत मुझको बनवाने दो। संकट में हैं देश हमारा, जन-जन को समझाने दो। हलधर के घर मातम न हो, धनपति का मोह भागने दो, हर निर्धन का पर्ण कुटीर हो,दाल- रोटी ही खाने दो। धनानंद बहु सांख्यिक हो गए, एक चाणक्य जगाने दो। राजनीति मलिन हो गई ,एक बबंडर आने दो। मधुशाला में भीड़ खड़ी हैं, क्षीर की नदी बहाने दो, विदेशी का अंत कराके, देशी राग अब गाने दो, पंचभूत जो मैली हो गई, साफ इसे कर जाने दो। पुरखों ने जो देखें थे वो,सपने मुझे सजाने दो, पश्चिम ने हैं देश बिगाड़ा, पूर्वी धुन मुझकों गाने दो। राजनीति मलिन हो गई, एक बबंडर आने दो। अन्तक थोड़ा धीर धरो तुम, नेक काम कर जाने दो, हँस के आप के सा...