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धागों का त्यौहार

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        धागों का त्यौहार राखी के एक-एक धागे से भाई का हो श्रृंगार, की राखी धागों का त्यौहार , कि राखी धागों का त्यौहार। इस धागे के कण-कण में है भाई-बहन का प्यार। की राखी धागों का त्यौहार, कि राखी धागों का त्यौहार। सुबह - सवेरे दोनों जग कर इस दिन हो तैयार, भाई ने सूट - बूट पहना है बहना करे श्रृंगार, की राखी धागों का त्यौहार ,की राखी धागों का त्यौहार। भैया मेरे प्रण कर लो तुम मेरे पहरेदार, बहना की रक्षा करना तुम जब तक है संसार, की राखी धागों का त्यौहार ,की राखी धागों का त्यौहार। तिलक लगाकर माथे पर हाथों में  बांधू प्यार, तेरी लंबी उम्र की मैं ईश्वर से करूं पुकार, की राखी धागों का त्यौहार , की राखी धागों का त्यौहार। इस पावन त्यौहार में वस्ता रिश्तो की झंकार, जब से सूरज-चंदा चमके तब तक ये त्यौहार, की राखी धागों का त्यौहार,की राखी धागों का त्यौहार। इस धागे के कण-कण में है भाई-बहन का प्यार।                                अनिल कुमार मंडल               ...

Best hindi poem :- दीवाली

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                      दीवाली अबकी दिवाली ऐसे मनाये, रुपये में न आग लगाएं। मिट्टी के हम दीये जलाये, चाइनीज़ कुछ न घर में लाएं ऐसा जो हम काम करेंगे, निर्धन के घर खुशियां लाये। उनके दिल से निकली दुआएं, सीधा ही बैकुंठ को जाये। देशहित में बने सहायक, हम क्यों देश को बेच के खाये। ऐसा काम करेंगे नराधम, अपना क्यों हम नाम लिखाये। पुनः आरजू तुमसे भाई, मिट्टी के ही दीये जलाये। बेशक दीये चार जलाना लेकिन घी ही बने सहाय। प्राणवायु को शुद्ध करें ये कई रोगों को देते भगाये कुछ लोगों की साजिश हैं ईशवर का फोटो बम में लगाये। हम मुरख,अज्ञानी हिन्दू, उसी फोटो में आग लगाये। लक्ष्मी जी की पुजा करते, लक्ष्मी बम में आग लगाये। अबकी दीवाली ऐसे मनाये, निर्धन के घर खुशियां लाये चीनी मुर्ति, चीनी लारियां, चीनी घर मे खुशियां लाये। अपने घर का दोहन करके, उनके घर न धन बरसाये स्वदेशी त्यौहार हमारा, स्वदेशी सब कुछ अपनाये। अबकी दीवाली ऐसे मनाये, माँ लक्ष्मी को घर पे बुलाये।                 ...