Best hindi poem:-Gate करार
करार विश्व युद्ध की गजब तबाही से पश्चिम बर्बाद हुआ, तभी तो जाकर GATE करार का पश्चिम में आगाज हुआ। भारत रहा सदस्य GATE का जबसे इसकी शुरुआत हुई, बहुपक्षीय सन्धि में भी पश्चिम की सौगात हुई। गोरों के हित के नियम बने जबसे डंकन प्रधान बने, भारत का जिसमें शौषण हैं, पश्चिम सारे जजमान बने। राजनीतिक संप्रुभता खो दिये, फिर भी हम गेट में उलझें हैं, भारत के नेता बिके हुए, दिखता नहीं एक भी सुलझे हैं। पश्चिम से गुलामी आ रही, कितनों को समझाये हम, गेट करार की तिखी वाणी, लोगों तक पहुँचाये हम। राजीवभाई ने सौगंध ये ली थी, गेट करार हटाने को, गद्दारों ने उन्हें हटा दी चुपड़ी रोटी खाने को। पश्चिम ने तब-तब जंग लड़े, जब-जब वहाँ मंदी आई है, मानवता का संहार किया फिर मंदी दूर भगाई हैं। ...