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Best hindi poem:-Gate करार

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                       करार      विश्व युद्ध की गजब तबाही से पश्चिम बर्बाद हुआ, तभी तो जाकर GATE करार का पश्चिम में आगाज हुआ। भारत रहा सदस्य GATE का जबसे इसकी शुरुआत हुई,        बहुपक्षीय सन्धि में भी पश्चिम की सौगात हुई।     गोरों के हित के नियम बने जबसे डंकन प्रधान बने,   भारत का जिसमें शौषण हैं, पश्चिम सारे जजमान बने। राजनीतिक संप्रुभता खो दिये, फिर भी हम गेट में उलझें हैं,   भारत के नेता बिके हुए, दिखता नहीं एक भी सुलझे हैं।    पश्चिम से गुलामी आ रही, कितनों को समझाये हम,    गेट करार की तिखी वाणी, लोगों तक पहुँचाये हम। राजीवभाई ने सौगंध ये ली थी, गेट करार हटाने को,       गद्दारों ने उन्हें हटा दी चुपड़ी रोटी खाने को।    पश्चिम ने तब-तब जंग लड़े, जब-जब वहाँ मंदी आई है,      मानवता का संहार किया फिर मंदी दूर भगाई  हैं।                 ...

Best patriotic poem-समर

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                         समर   समर शुरू अब करना होगा,देश के खातिर लड़ना होगा। गलत दिशा में देश चल रहा, पथ कोई नया पकड़ना होगा। समर शुरू अब करना होगा, देश के खातिर लड़ना होगा। पश्चिम जैसी संस्कृति हो गई,दूर इसे अब करना होगा। देश हमारा शिक्षा उनकी,गुरुकुल में अब पढना होगा। जल अपना शीतल जल उसके,बोतल जल पी मरना होगा। आर्यावर्त में सरिता रो रही,साफ इसे अब करना होगा। समर शुरू अब करना होगा, देश के खातिर लड़ना होगा। काला फिरंगी दिल्ली बैठा, वेपद इसको करना होगा। सेना में जो सेवा देगा, उसको ही दिल्ली बढ़ना होगा। गद्दारों को फाँसी दे दो, जुर्म नहीं अब सहना होगा। भ्रष्टाचारी नेताओं को,जेल में घुट के मरना होगा। समर शरू अब करना होगा देश के खातिर लड़ना होगा। हर नारी दुर्गा हो जाये, कान्हा हर एक ग्वाला होगा। शिक्षा सबको मिले बराबर, काम वहीं अब करना होगा। विदेशी हमको लूट रहे हैं, बहिष्कार उसका भी करना होगा। स्वदेशी घर-घर हो जाये, जन जागृति अब करना होगा। समर शुरू अब करना होगा ,देश के खातिर लड़न...

Best Patriotic poem-सुधा पीला दी

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                    सुधा पीला दी राजीव भैया ने सुधा पीला दी,मैं सुभाष बन जाऊँगा। गांधी बनना बस में नहीं है, सूूली पे चढ़ जाऊँगा। एक गाल पे चाटा खाके, दूजा नही बढ़ाऊँगा। अंधियारे में देश घिर रहा, दीप मैं एक सुलगाउँग। स्वदेशी से देश चेलगा, निरापद वो काम कराऊंगा। रोग न कोई घर दस्तक दे,आयुर्वेद मैं गाऊंगा। रसोई हैं औषधालय अपना, सबको मैं समझाऊंगा। राजीव भैया ने सुधा पीला दी,मैं सुभाष बन जाऊंगा गांधी बनना बस में नही हैं, सूली पे चढ़ जाऊंगा। नेहरू से ये देश न चले ,तिलक से मैं चलबाउंगा। गौ माता की सेवा करके, दूध मलाई खाऊंगा। गोरों से देश छुड़ाया हैं, काले को राह दिखाऊंगा। मानसिक गुलामी बहुत हो चुकी,अंत मैं इसे कराऊंगा। तथाकथित आजादी जी रहे, पूर्ण स्वराज मैं लाऊंगा। राजीव भैया ने सुधा पीला दी, मैं सुभाष बन जाऊंगा। गांधी बनना बस में नहीं है ,सूूली पे चढ़ जाऊंगा इतिहास हमारा पथ प्रर्दशक,धोखा नही में खाऊंगा। पिंजर बंध हो देश हमारा, ये कैसे सह पाऊंगा। गद्दारों की फौज खड़ी हैं, शंखनाद कर जाऊंगा। राजीव भैया ने सु...